January 2, 2009

अब जानवर भी लिए जा सकेंगे गोद.....

<><><>(कमल सोनी)<><><> नए वर्ष के आगाज़ के साथ अभिनीता ने "अभी" को गोद लिया सोचिये मत "अभी" वन विहार में रह रहे एक अजगर का नाम है नए साल के पहले ही दिन जब अभिनीता को पता चला की वन विहार में वन्यप्राणियों को गोद लेने की नै योजना प्रारंभ की गई है तो वह अपना प्रकृति प्रेम रोक न सकी और उसने बिना विलंब किये वन विहार पहुंचकर एक अजगर जिसका नाम "अभी" है गोद लिया आमजनमानस में वन्य प्राणियों और प्रकृति के प्रति स्नेह और उनके संरक्षण के लिए जागरूकता बढाने के लिए वन विहार भोपाल (मध्यप्रदेश) ने एक नई योजना प्रारंभ की है और वह है वनविहार में रह रहे वन्य प्राणियों को गोद लेने की योजना इस योजना के अंतर्गत कोई भी व्यक्ति वन विहार में रह रहे जानवरों को गोद ले सकेगा वन विहार में बाघ, सिंह, तेंदुआ, भालू, लकड़बग्घा, भू।रीछ, सियार, मगर, घड़ियाल, अजगर, सर्प को गोद ले सकता है गोद लेने वाला व्यक्ति वार्षिक, अर्धवार्षिक, त्रैमासिक अथवा मासिक आधार पर इन्हें गोद ले सकता है वन्य प्राणियों को गेद लेने के लिए भगतान की गई राशि को आयकर से पूर्णतः मुक्त रखा गया है गोद लेने वाले व्यक्ति का नाम उस जानवर के बाड़े का सामने लगाया जायेगा वनविहार ने प्रत्येक जानवरों के लिए प्रथक रूप से वार्षिक, अर्धवार्षिक, त्रैमासिक अथवा मासिक आधार पर भुगतान की जाने वाली राशी की सूची भी जारी की है वन विहार के अधिकारियों को इस योजना के सफल होने की पूरी उम्मीद है गोद लेने के लियी आवाश्याक फार्म वनविहार कार्यालय से प्राप्त होगा क्या होगा राशी का :- गोद लिए गए वन्य प्राणी के लियी दी गई राशी मध्यप्रदेश टाइगर फाउन्ड़ेशन सोसायटी में जमा कराई जायेगी वन्यप्राणियों और प्रकृति के प्रति आमजनमानस में जागरूकता तथा स्नेह लाने के लिए वनविहार की यह पहल है तो अनूठी लेकिन यह कितनी कारगर होगी और लोगों को लुभा पाने में कितनी सफल होगी इस बात का पता तो आने वाले समय में ही चल सकेगा
वनविभाग द्वारा जारी वन्यप्राणियों को गोद लेने के लिए व्यय की जाने वाली राशिः की सूची :-

2 comments:

विवेक सिंह said...

हो सकता है इससे कुछ लाभ पहुँचे लुप्त होते जानवरों को !

chander said...

ye yojna ager sach much safal rahi to isse kahi na kahi manav or pashu ke beech sneh or prem ki ek anokhi misal hogi. per ab sawal ye hai ki kitne log janerwaro ko palna chahaiage.