January 24, 2009

आयकर विभाग के छापे के बाद नेताओं की नींद हराम - खुल सकती है बड़े बड़ों की पोल

<><><>(कमल सोनी)<><><> आयकर विभाग ने गुरूवार को मध्यप्रदेश के मंत्रियों के आयकर सलाहकारों के यहाँ ताबड़तोड़ छापे मारे छापे की कार्यवाही में छानबीन के दौरान कई ऐसे दस्तावेज़ मिले हैं जिनसे पता चलता है कि नेताओं और अफसरों ने किस कदर अपनी आय से अधिक निवेश किया है आयकर विभाग की इस छापामार कार्यवाही ने मंत्रियों और नेताओं की नींद हराम कर दी है आयकर विभाग के सूत्रों की माने तो छानबीन के दौरान मिले दस्तावेजों की आगे छानबीन करने पर भ्रष्टाचार से जुड़े ऐसे मामलों का भी खुलासा किया जा सकता है जो राजनेताओं और अधिकारियों की मिलीभगत की और इशारा भी करता है
आयकर विभाग की इस छापामार कार्यवाही में आयकर सलाहकार मनोहरलाल चौरसिया के पुत्र बीमा एजेंट मनोज चौरसिया के घर से थोक में बीमा पोलिसियाँ ज़प्त की हैं जानकारी मिली है कि यह पोलिसियाँ प्रदेश के कुछ नेताओं और मंत्रियों की हैं पॉलिसियों के सम्बन्ध में चौकाने वाला तथ्य यह सामने आया है कि इनका प्रीमियम ५ से १० लाख रुपये सालाना है सीहोर में मनोहार लाल के दो बैंक लॉकर का भी पता चला है इन बैंक लॉकर को सील कर दिया है छापे में मनोहार लाल के रिश्तेदारों ने भी एक करोड़ रु की अघोषित आमदनी स्वीकारी है
कहाँ कहाँ पड़े छापे :- आयकर विभाग द्वारा गुरूवार को प्रारंभ हुई छापा मार कार्यवाही शुक्रवार को भी जारी रही इस बीच आयकर विभाग की अन्वेषण टीम ने आठ प्रतिष्ठानों पर सर्च और साथ प्रतिष्ठानों पर सर्वे कार्यवाही की आयकर विभाग ने भोपाल, विदिशा, गंजबासोदा, सीहोर और शुजालपुर ये छापे मारे थे
जिन लोगों के यहाँ छापे मारे गए उनमें आयकर सलाहकार, अनाज व्यापारी, ऐसे व्यापारी जिनके पास बड़ी कंपनियों की एजेंसियां तथा डीलर शिप हैं
छापे की खबर हो गई थी लीक :- आयकर विभाग के सूत्रों के अनुसार इस बात की आशंका व्यक्त की जा रही है कि विभाग की इस छापामार कार्यवाही की खबर पहले ही लीक हो गई थी जिससे जिस हिसाब से अघोषित संपत्ति की का पता चलना था वह नहीं चल सका लेकिन आयकर विभाग का यह मानना है कि जो दस्तावेज़ ज़प्त किये गए हैं वे भी बड़े बड़े खुलासे कर सकते हैं
बहरहाल आयकर विभाग की यह छापा मार कार्यवाही गत वर्ष उस समय हुई थी जब विधानसभा चुनाव होने वाले थे और अब इसे महज़ संयोग ही कहा जाय या कुछ और लेकिन इस बार कार्यवाही तब हुई है जब लोक सभा चुनाव बेहद नज़दीक हैं इससे पूर्व भी आयकर विभाग द्वारा लगातार कई छापामार कार्यवाही की गई हैं स्वस्थ्य विभाग के संचालक डॉ योगीराज शर्मा के यहाँ पड़े छापे में अधिकारियों और मंत्रियों की सांठ गाँठ का खुलासा भी हुआ था जिसकी परिणिति में डॉ. योगिराज शर्मा को जाना पड़ा अब देखना यह होगा कि आयकर विभाग के यह छापा मार कार्यवाही कौन से नए खुलासे करती है लेकिन इस छापामार कार्यवाही ने नेताओं, मंत्रियों और उनसे मिलीभगत करने वाले अधिकारीयों की नींद हराम कर दी है

3 comments:

Udan Tashtari said...

बहतों की नींद हराम है.

Suresh Chiplunkar said...

मुगालते पालने में मुझे भी कोई हर्ज नहीं है, लेकिन "भारत के महान भ्रष्टाचारी इतिहास" को देखते हुए कुछ होना-जाना मुश्किल ही है…

संगीता पुरी said...

इस अचानक के हमले से नींद तो खराब होनी ही है....पर अचानक एक ही जगह पर आयकर विभागवालों के चुस्‍ती दुरूस्‍ती का राज ?