January 22, 2009

मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री नरोत्तम के नाम के ख़त ने मचाई सनसनी - भ्रष्टाचार की कहानी मंत्री की जुबानी

<><><>(कमल सोनी)<><><>मध्यप्रदेश सरकार के मंत्रियों पर हमेशा से ही भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे हैं और इस बात का खुलासा भी समय समय पर होता ही रहा है अभी भी कई मंत्रियों पर लोकायुक्त में भ्रष्टाचार के मामले लंबित हैं लेकिन इन दिनों अगर कुछ सुर्खियों में है तो वो है पिछली सरकार में मंत्री रहे नरोत्तम मिश्रा के नाम का वो ख़त जिसमें पूर्व मंत्रियों के भ्रष्टाचार में लिप्त होने का खुलासा किया गया है लेकिन ख़ास बात तो यह है भ्रष्टाचारी मंत्रियों की इस सूची में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री का नाम भी शामिल किया गया हैं
विधानसभा चुनावों में जनता ने भले ही भ्रष्टाचार का मुद्दा ना स्वीकारा हो लेकिन प्रदेश को एक स्वच्छ और ईमानदार सरकार देने का वादा करने वाले शिवराज सिंह ख़ुद भ्रष्ट मंत्रियों को मंत्री मंडल से बाहर का रास्ता दिखा पाने में असमर्थ रहे हैं किंतु उनकी नकेल कसने में कामयाब अवश्य हो रहे हैं अगर चिट्ठी पर यकीन करें तो पिछली सरकार में मंत्री रहे नरोत्तम मिश्रा के नाम के इस ख़त में मंत्रियों के भ्रष्टाचार की तथ्यात्मक जानकारी पार्टी आलाकमान को लिखी गई है हालाकि अभी इस बात की पुष्टि नहीं हुई है के यह ख़त निवृतमान मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने ही लिखा है यह भी सम्भव है कि किसी ने राजनैतिक विद्वेष के चलते नरोत्तम मिश्रा को कोई हानि पहुंचाने के उद्देश्य से यह ख़त लिखा हो
कौन कौन हैं सूची में :- निवृतमान मंत्री नरोत्तम मिश्रा के नाम के इस सनसनीखेज़ ख़त में भ्रष्ट मंत्रियों की सूची में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह, बाबूलाल गौर, राघव जी जयंत मलैया, गोपाल भार्गव, कैलाश विजयवर्गीय, अनूप मिश्रा, जगदीश देवडा, लक्ष्मीकांत शर्मा, तुकोजीराव पवार, जगन्नाथ सिंह, डॉ. राम कृष्ण कुसमारिया, गौरीशंकर बिसेन, नागेन्द्र सिंह, और अर्चना चिटनिस के नाम शामिल हैं इतना ही नहीं इन भ्रष्ट मंत्रियों की सूची में सचिवालय के अधिकारियों और उनकी मंत्रियों के साथ मिली भगत को भी शामिल किया गया हैं निवृतमान मंत्री नरोत्तम मिश्रा के नाम से लिखे गए इस पत्र में सूची में शामिल सभी मंत्रियों पर कमीशन लेकर टेंडर पास कराना, या फ़िर पैसे लेकर कोई काम स्वीकृत कराना, मंत्रियों के सम्पत्ती के ब्यौरे तथा अधिकारियों से वसूली का लेखा जोखा तक शामिल हैं
क्यों लिखा ख़त :- पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा के नाम के इस ख़त "मेरे खुले पत्र की पृष्ठ भूमि" में जिन विचारों को अभिव्यक्त किया गया है उनसे यह तो साफ़ जाहिर है कि ख़त लिखने वाला प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह से खफा हैं ख़त में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह पर धोखा देने का आरोप लगाया है ख़त में लिखा है कि "शिवराज सिंह ने मुझे मंत्रीमंडल में शामिल करने का वादा किया था मेने जब पूछा कि कौन सा विभाग मिलेगा तो उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास मंत्रालय" ......... वास्तव में नरोत्तम मिश्रा के नाम का यह ख़त शिवराज मंत्री मंडल में जगह न मिल पाने के कारण से ही लिखा गया प्रतीत होता है
पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा के नाम का यह ख़त भाजपा की ओर से पी.एम् इन वेटिंग लाल कृष्ण आडवाणी और पार्टी आलाकमान को लिखा गया था और इस ख़त के माध्यम से किसी तरह से अपने मन की भडास निकालने का पूरा प्रयास किया गया है
बहरहाल अभी तक इस बात की पुष्टि तो नहीं हुई कि यह ख़त मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने ही लिखा है जबकि नरोत्तम मिश्रा स्वयं इस चिट्ठी की बात को नकार चुके हैं क्योंकि इस ख़त में जहाँ प्रदेश के ऊँचे कद के नेताओं और मंत्रियों के काले कारनामों का तथ्यात्मक लेखा जोखा है अब सवाल यह उठता है कि यह चिट्ठी पूर्व मंत्री ने नहीं लिखी तो फिर साजिश में कौन शामिल है ? किसने यह ख़त लिखा ? चाल चरित्र और चेहरे के बात करने वाली बीजेपी की किरकिरी अवश्य हो रही है. क्योंकि सरकार के ही भ्रष्टाचार की कहानी मंत्री की जुबान से निकल कर आ रही है लेकिन मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री नरोत्तम के नाम के यह ख़त राजनितिक गलियारों, अधिकारी वर्ग में तथा मीडिया में कौतुहल और चर्चा का विषय बना हुआ है बहरहाल अभी तक इस बात की पुष्टि तो नहीं हुई कि यह ख़त मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने ही लिखा है जबकि नरोत्तम मिश्रा स्वयं इस चिट्ठी की बात को नकार चुके हैं इनसाईट टीवी को मिले इस ख़त से तो यही जाहिर होता है कि यह किसी न किसी राजनैतिक विद्वेष का ही नतीजा है लेकिन इससे सता के गलियारों में बैठे राजनेताओं में कुर्सी के लिए आपसी खेंचतान का भी पता चलता है

2 comments:

दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi said...

मध्य प्रदेश में सरकारें बदलती रहीं। लेकिन भ्रष्टाचार आगे बढ़ता रहा। उस पर कोई बात करना पसंद ही नहीं करता। लगता है जैसे भ्रष्टाचार को हटा दिया गया तो मध्यप्रदेश मर जाएगा।

laxman said...

ये सब बेईमान कांग्रेसियों की नौटंकी है भाई, याद नहीं सैंट किट्स का घोटाला कैसे किया था इन लोगों ने?
विधानसभा चुनावों में तो जनता ने इन पर लात जमा दी है फिर भी अक्ल नहीं आई