January 30, 2009

लोकप्रिय हो रही है "वन्य प्राणी एडाप्शन योजना"

<><><>(कमल सोनी)<><><> वन्य प्राणियों के संरक्षण के प्रति आम जनमानस में जागरूकता लाने के उद्देश्य से वन विहार भोपाल द्वारा नए वर्ष की शुरुआत में प्रारंभ की गई "वन्य प्राणी एडाप्शन योजना" काफी लोक प्रिय हो रही है "वन्य प्राणी एडाप्शन योजना" के अंतर्गत मौजूदा परिणामो से आगे इस योजना के सफल होने की उम्मीद जतायी जा रही है
"वन्य प्राणी एडाप्शन योजना" के तहत गत 28 जनवरी को वन विहार के नर तेंदुआ ट्रेगा को गोद लिया गया है ट्रेगा की नई अभिभावक भोपाल निवासी श्री मति मीना गुप्ता ने अगले एक माह के लिए ट्रेगा को गोद लिया है जिसके लिए उन्होंने 5760 रु का भुगतान किया है यह राशिः उन्होंने मध्यप्रदेश टाइगर फॉउन्डेशन सोसायटी को दी है श्री मति मीना गुप्ता से पूर्व तीन और लोग इस योजना के तहत वन्य प्राणियों को गोद ले चुके हैं
कौन कौन है वन्य प्राणियों के अभिभावक :- वन विहार में रह रहे वन्य प्राणियों को गोद लेने की योजना गत एक जनवरी से शुरू हुई है। पहले ही दिन आईएएस अफसर अशोक दास की बेटी अभिनीता दास ने एक अजगर को गोद लिया था। अभिनीता देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर में कानून की पढ़ाई कर रही हैं। उन्होंने इंटर्नशिप की पहली किस्त मिलने पर अजगर को गोद लिया था। इसके बाद पानीपत के राकेश गुगलानी ने ही १० जनवरी को अजगर को ही आगामी छः माह के लिए गोद लिया था इसी कड़ी में उद्योगपति गुलरेज अहमद ने वन विहार के एक बाघ को गोद लिया उन्होंने तीन महीने के लिए बाघ को गोद लिया और इसके एवज में वन विहार प्रबंधन को 36 हजार रुपए दिए ।
क्या है योजना ? :- आमजनमानस में वन्य प्राणियों और प्रकृति के प्रति स्नेह और उनके संरक्षण के लिए जागरूकता बढाने के लिए वन विहार ने एक नई योजना प्रारंभ की है और वह है वनविहार में रह रहे वन्य प्राणियों को गोद लेने की योजना इस योजना के अंतर्गत कोई भी व्यक्ति वन विहार में रह रहे जानवरों को गोद ले सकेगा वन विहार में बाघ, सिंह, तेंदुआ, भालू, लकड़बग्घा, भू.रीछ, सियार, मगर, घड़ियाल, अजगर, सर्प को गोद ले सकता है गोद लेने वाला व्यक्ति वार्षिक, अर्धवार्षिक, त्रैमासिक अथवा मासिक आधार पर इन्हें गोद ले सकता है वन्य प्राणियों को गोद लेने के लिए भुगतान की गई राशि को आयकर की धारा ८० जी. के तहत आयकर से पूर्णतः मुक्त रखा गया है

3 comments:

महेंद्र मिश्रा said...

सही है और मै आपके विचारो से सहमत हूँ . वन्य जीव संरक्षण की दिशा में यह सराहनीय प्रयास होगा .

hem pandey said...

वन्य प्राणियों के प्रति यह प्रेम उचित ही है. लेकिन अनेक अभावों में जी रहे गरीब बच्चों को गोद लेने वाले लोग भी मिल जाएँ तो कितना अच्छा हो.

संगीता पुरी said...

अच्‍छी पहल है.....कहीं से भी हो ....अच्‍दे कामों की शुरूआत तो हो।