June 24, 2010

आनर किलिंग: रूढीवादी समाज को एक दिन स्वीकार करना ही होगा प्रेम विवाह


(कमल सोनी)>>>> सम्मान के नाम पर के जाने वाली हत्याओं के पीछे समाज की घटिया रुढीवादी मानसिकता ही है. और इसकी तीखी आलोचना की जानी चाहिए. हैरत की बात तो यह है कि इस रूढीवादी मानसिकता से पीड़ित आज के युवा भी हैं. दिल्ली में आनर किलिंग के नाम पर हुई तीन हत्याओं के बाद पकडे गए तीन युवकों से तो यही पता चलता है. प्रेम के नाम पर सदियों से इस तरह की कारगुजारियों को अंजाम दिया जाता रहा है. लेकिन क्या कभी प्रेम कम हुआ नहीं. इतना सब कुछ होने के बाद अब प्रेम विवाह को गलत मानने वाले समाज के चंद ठेकेदारों को यह स्वीकार कर लेना चाहिए कि वे अंतरजातीय या सामान गोत्र में होने वाले प्रेम विवाह को रोक नहीं सकते. आनर किलिंग के नाम पर की जाने वाली हत्याओं को जघन्य अपराध की श्रेणी में रखा जाना चाहिए. इसके लिए सिर्फ ह्त्या का दोषी मानकर अपराधी को सज़ा दे दी जाए तो यह कम होगा. सम्मान के नाम पर प्रेमी प्रेमिका की ह्त्या और उसके बाद हत्या के आरोप में घर का ही कोई सदस्य को सज़ा मिले निश्चित रूप से इससे पूरा परिवार ही बिखर जाता है. समाज के ठेकेदारों को इस झूटी शान के लिए इन हत्याओं को बंद करना होगा. और आज नहीं तो वह दिन भी दूर नहीं जब समाज इस सच को स्वीकारेगा.

9 comments:

K.P.Chauhan said...

priy kamal soni ji ,mujhe aisaa lagtaa hai ki yaa to aapne kabhi graam dekhaa hi nahi hai ,paidaa hone ki baat chhodiye ,hamaare gramo me ladki chaahe kisi bhi jaati ki bhi kyon naa ho ,bhawnaatmak tour par use sabhi graamvasi apni beti yaa bahan hi maante hai ,doosre hai gotr ki baat ,to wo to waise bhi sagi hai ,kyaa aapkaa or aapke bhaai kaa gotr ek nahin hai or uske baawjood aapkaa boy or unki girl ko aap shaadi karne ko raaji ho jaayenge ,or ye bhi naap jaante hai ki sabhi riste bhaawnaatmak tour se hi maane jaate hai to fir doosri jaati ke ladki bhi hamaari bahan or beti hai ,khaali raakhee bandhwaane se hi bahan bhaai nahin bante ,ab aap kah rahe hain ki graamvaasi rudiwaadi hain ,waastav me aisaa nahi hai wo bhi prem karne ke liye manaa nahi karte par apne graam ki ladkiyon or gotr ki ladkiyon ko chhodkar ,yadi ladke is tarh se karke denkhe koim bhi graam vaasi manaa nahin kartaa ,isliye aap un par jhoothi tomat mat lagaaiye ,mujhe to lagtaa hai ki aap bhaai bahan ke riste ki maanytaa or pawitrtaa ke shayad nahin samajh paaye ,aap me abhi bachpanaa hai ,doosron ke baare me to koi bhi kuchh bhi likh detaa hai par jab apne girhbaan me jhaanktaa hai to duniyaan najar aa jaati hai ,kuruti door karnaa graampanchaayton kaa pahlaa krtvy hai or owner killing bhi ek kuriti hai

प्रेम सरोवर said...

My Dear Friend.
I am against the marriage which falls under the ambit of prohibited relation under The Hindu Marriage Act,1956.Please do not take my comment on this issue in other Way. This is my personal view Which does not aim at offending anyone in any form or manner. Thanks.

DR.MANISH KUMAR MISHRA said...

प्रिय हिंदी ब्लॉगर बंधुओं ,
आप को सूचित करते हुवे हर्ष हो रहा है क़ि आगामी शैक्षणिक वर्ष २०११-२०१२ के दिसम्बर माह में ०९--१० दिसम्बर (शुक्रवार -शनिवार ) को ''हिंदी ब्लागिंग : स्वरूप, व्याप्ति और संभावनाएं '' इस विषय पर दो दिवशीय राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित की जा रही है. विश्विद्यालय अनुदान आयोग द्वारा इस संगोष्ठी को संपोषित किया जा सके इस सन्दर्भ में औपचारिकतायें पूरी की जा चुकी हैं. के.एम्. अग्रवाल महाविद्यालय के हिंदी विभाग द्वारा आयोजन की जिम्मेदारी ली गयी है. महाविद्यालय के प्रबन्धन समिति ने संभावित संगोष्ठी के पूरे खर्च को उठाने की जिम्मेदारी ली है. यदि किसी कारणवश कतिपय संस्थानों से आर्थिक मदद नहीं मिल पाई तो भी यह आयोजन महाविद्यालय अपने खर्च पर करेगा.

संगोष्ठी की तारीख भी निश्चित हो गई है (०९ -१० दिसम्बर२०११ ) संगोष्ठी में आप की सक्रीय सहभागिता जरूरी है. दरअसल संगोष्ठी के दिन उदघाटन समारोह में हिंदी ब्लागगिंग पर एक पुस्तक के लोकार्पण क़ी योजना भी है. आप लोगों द्वारा भेजे गए आलेखों को ही पुस्तकाकार रूप में प्रकाशित किया जायेगा . आप सभी से अनुरोध है क़ि आप अपने आलेख जल्द से जल्द भेजने क़ी कृपा करें . आलेख भेजने की अंतिम तारीख २५ सितम्बर २०११ है. मूल विषय है-''हिंदी ब्लागिंग: स्वरूप,व्याप्ति और संभावनाएं ''
आप इस मूल विषय से जुड़कर अपनी सुविधा के अनुसार उप विषय चुन सकते हैं

जैसे क़ि ----------------
१- हिंदी ब्लागिंग का इतिहास

२- हिंदी ब्लागिंग का प्रारंभिक स्वरूप

३- हिंदी ब्लागिंग और तकनीकी समस्याएँ
४-हिंदी ब्लागिंग और हिंदी साहित्य

५-हिंदी के प्रचार -प्रसार में हिंदी ब्लागिंग का योगदान

६-हिंदी अध्ययन -अध्यापन में ब्लागिंग क़ी उपयोगिता

७- हिंदी टंकण : समस्याएँ और निराकरण
८-हिंदी ब्लागिंग का अंतर्राष्ट्रीय परिदृश्य

९-हिंदी के साहित्यिक ब्लॉग
१०-विज्ञानं और प्रोद्योगिकी से सम्बंधित हिंदी ब्लॉग

११- स्त्री विमर्श से सम्बंधित हिंदी ब्लॉग

१२-आदिवासी विमर्श से सम्बंधित हिंदी ब्लॉग

१३-दलित विमर्श से सम्बंधित हिंदी ब्लॉग
१४- मीडिया और समाचारों से सम्बंधित हिंदी ब्लॉग
१५- हिंदी ब्लागिंग के माध्यम से धनोपार्जन

१६-हिंदी ब्लागिंग से जुड़ने के तरीके
१७-हिंदी ब्लागिंग का वर्तमान परिदृश्य
१८- हिंदी ब्लागिंग का भविष्य

१९-हिंदी के श्रेष्ठ ब्लागर

२०-हिंदी तर विषयों से हिंदी ब्लागिंग का सम्बन्ध
२१- विभिन्न साहित्यिक विधाओं से सम्बंधित हिंदी ब्लाग
२२- हिंदी ब्लागिंग में सहायक तकनीकें
२३- हिंदी ब्लागिंग और कॉपी राइट कानून

२४- हिंदी ब्लागिंग और आलोचना
२५-हिंदी ब्लागिंग और साइबर ला
२६-हिंदी ब्लागिंग और आचार संहिता का प्रश्न
२७-हिंदी ब्लागिंग के लिए निर्धारित मूल्यों क़ी आवश्यकता
२८-हिंदी और भारतीय भाषाओं में ब्लागिंग का तुलनात्मक अध्ययन
२९-अंग्रेजी के मुकाबले हिंदी ब्लागिंग क़ी वर्तमान स्थिति

३०-हिंदी साहित्य और भाषा पर ब्लागिंग का प्रभाव

३१- हिंदी ब्लागिंग के माध्यम से रोजगार क़ी संभावनाएं
३२- हिंदी ब्लागिंग से सम्बंधित गजेट /स्वाफ्ट वयेर


३३- हिंदी ब्लाग्स पर उपलब्ध जानकारी कितनी विश्वसनीय ?

३४-हिंदी ब्लागिंग : एक प्रोद्योगिकी सापेक्ष विकास यात्रा

३५- डायरी विधा बनाम हिंदी ब्लागिंग

३६-हिंदी ब्लागिंग और व्यक्तिगत पत्रकारिता

३७-वेब पत्रकारिता में हिंदी ब्लागिंग का स्थान

३८- पत्रकारिता और ब्लागिंग का सम्बन्ध
३९- क्या ब्लागिंग को साहित्यिक विधा माना जा सकता है ?
४०-सामाजिक सरोकारों से जुड़े हिंदी ब्लाग

४१-हिंदी ब्लागिंग और प्रवासी भारतीय


आप सभी के सहयोग क़ी आवश्यकता है . अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें



डॉ. मनीष कुमार मिश्रा
हिंदी विभाग के.एम्. अग्रवाल महाविद्यालय

गांधारी विलेज , पडघा रोड
कल्याण -पश्चिम, ,जिला-ठाणे
pin.421301

महाराष्ट्र
mo-09324790726
manishmuntazir@gmail.com
http://www.onlinehindijournal.blogspot.com/
http://kmagrawalcollege.org/

मलकीत सिंह जीत said...

आदरनीय ,आपकी सभी रचनाये बेहद अच्छी व् किसी न किसी विषय को उठाती है सौभाग्य से पढने को मिल गयी ,आपने निवेदन है की एक मार्ग दर्शक के रूप में (एक प्रायस "बेटियां बचाने का ")ब्लॉग में जुड़ने का कष्ट करें
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Suman said...

nice

Steve Finnell said...

you are invited to follow my blog

संतोष कुमार said...

sunder...

मेरे मचान पर आपका स्वागत है !

Ojaswi Kaushal said...

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यशवन्त माथुर (Yashwant Mathur) said...

कल 08/05/2012 को आपकी यह पोस्ट नयी पुरानी हलचल (विभा रानी श्रीवास्तव जी की प्रस्तुति में) पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
धन्यवाद!