<><><>(कमल सोनी)<><><>मध्यप्रदेश सरकार के मंत्रियों पर हमेशा से ही भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे हैं और इस बात का खुलासा भी समय समय पर होता ही रहा है अभी भी कई मंत्रियों पर लोकायुक्त में भ्रष्टाचार के मामले लंबित हैं लेकिन इन दिनों अगर कुछ सुर्खियों में है तो वो है पिछली सरकार में मंत्री रहे नरोत्तम मिश्रा के नाम का वो ख़त जिसमें पूर्व मंत्रियों के भ्रष्टाचार में लिप्त होने का खुलासा किया गया है लेकिन ख़ास बात तो यह है भ्रष्टाचारी मंत्रियों की इस सूची में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री का नाम भी शामिल किया गया हैं
विधानसभा चुनावों में जनता ने भले ही भ्रष्टाचार का मुद्दा ना स्वीकारा हो लेकिन प्रदेश को एक स्वच्छ और ईमानदार सरकार देने का वादा करने वाले शिवराज सिंह ख़ुद भ्रष्ट मंत्रियों को मंत्री मंडल से बाहर का रास्ता दिखा पाने में असमर्थ रहे हैं किंतु उनकी नकेल कसने में कामयाब अवश्य हो रहे हैं अगर चिट्ठी पर यकीन करें तो पिछली सरकार में मंत्री रहे नरोत्तम मिश्रा के नाम के इस ख़त में मंत्रियों के भ्रष्टाचार की तथ्यात्मक जानकारी पार्टी आलाकमान को लिखी गई है हालाकि अभी इस बात की पुष्टि नहीं हुई है के यह ख़त निवृतमान मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने ही लिखा है यह भी सम्भव है कि किसी ने राजनैतिक विद्वेष के चलते नरोत्तम मिश्रा को कोई हानि पहुंचाने के उद्देश्य से यह ख़त लिखा हो
कौन कौन हैं सूची में :- निवृतमान मंत्री नरोत्तम मिश्रा के नाम के इस सनसनीखेज़ ख़त में भ्रष्ट मंत्रियों की सूची में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह, बाबूलाल गौर, राघव जी जयंत मलैया, गोपाल भार्गव, कैलाश विजयवर्गीय, अनूप मिश्रा, जगदीश देवडा, लक्ष्मीकांत शर्मा, तुकोजीराव पवार, जगन्नाथ सिंह, डॉ. राम कृष्ण कुसमारिया, गौरीशंकर बिसेन, नागेन्द्र सिंह, और अर्चना चिटनिस के नाम शामिल हैं इतना ही नहीं इन भ्रष्ट मंत्रियों की सूची में सचिवालय के अधिकारियों और उनकी मंत्रियों के साथ मिली भगत को भी शामिल किया गया हैं निवृतमान मंत्री नरोत्तम मिश्रा के नाम से लिखे गए इस पत्र में सूची में शामिल सभी मंत्रियों पर कमीशन लेकर टेंडर पास कराना, या फ़िर पैसे लेकर कोई काम स्वीकृत कराना, मंत्रियों के सम्पत्ती के ब्यौरे तथा अधिकारियों से वसूली का लेखा जोखा तक शामिल हैं
क्यों लिखा ख़त :- पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा के नाम के इस ख़त "मेरे खुले पत्र की पृष्ठ भूमि" में जिन विचारों को अभिव्यक्त किया गया है उनसे यह तो साफ़ जाहिर है कि ख़त लिखने वाला प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह से खफा हैं ख़त में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह पर धोखा देने का आरोप लगाया है ख़त में लिखा है कि "शिवराज सिंह ने मुझे मंत्रीमंडल में शामिल करने का वादा किया था मेने जब पूछा कि कौन सा विभाग मिलेगा तो उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास मंत्रालय" ......... वास्तव में नरोत्तम मिश्रा के नाम का यह ख़त शिवराज मंत्री मंडल में जगह न मिल पाने के कारण से ही लिखा गया प्रतीत होता है
पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा के नाम का यह ख़त भाजपा की ओर से पी.एम् इन वेटिंग लाल कृष्ण आडवाणी और पार्टी आलाकमान को लिखा गया था और इस ख़त के माध्यम से किसी तरह से अपने मन की भडास निकालने का पूरा प्रयास किया गया है
बहरहाल अभी तक इस बात की पुष्टि तो नहीं हुई कि यह ख़त मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने ही लिखा है जबकि नरोत्तम मिश्रा स्वयं इस चिट्ठी की बात को नकार चुके हैं क्योंकि इस ख़त में जहाँ प्रदेश के ऊँचे कद के नेताओं और मंत्रियों के काले कारनामों का तथ्यात्मक लेखा जोखा है अब सवाल यह उठता है कि यह चिट्ठी पूर्व मंत्री ने नहीं लिखी तो फिर साजिश में कौन शामिल है ? किसने यह ख़त लिखा ? चाल चरित्र और चेहरे के बात करने वाली बीजेपी की किरकिरी अवश्य हो रही है. क्योंकि सरकार के ही भ्रष्टाचार की कहानी मंत्री की जुबान से निकल कर आ रही है लेकिन मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री नरोत्तम के नाम के यह ख़त राजनितिक गलियारों, अधिकारी वर्ग में तथा मीडिया में कौतुहल और चर्चा का विषय बना हुआ है बहरहाल अभी तक इस बात की पुष्टि तो नहीं हुई कि यह ख़त मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने ही लिखा है जबकि नरोत्तम मिश्रा स्वयं इस चिट्ठी की बात को नकार चुके हैं इनसाईट टीवी को मिले इस ख़त से तो यही जाहिर होता है कि यह किसी न किसी राजनैतिक विद्वेष का ही नतीजा है लेकिन इससे सता के गलियारों में बैठे राजनेताओं में कुर्सी के लिए आपसी खेंचतान का भी पता चलता है
January 22, 2009
January 21, 2009
पूरे प्रदेश ने किया एक साथ सूर्य नमस्कार
<><><>(कमल सोनी)<><><> हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी पूरे मध्य प्रदेश के स्कूलों में एक साथ सूर्य नमस्कार का आयोजन किया गया मध्य प्रदेश के डेढ़ लाख से अधिक स्कूलों में लगभग १ करोड़ से ज़्यादा छात्र छात्राओं ने सामूहिक सूर्य नमस्कार में हिस्सा लिया सामूहिक सूर्य नमस्कार का यह महायोजन सबेरे 9 से 9.45 तक किया गया इस वृहद आयोजन में मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ग्वालियर में और अन्य मंत्रीगण अपने प्रभार वाले जिलों के स्कूल या कॉलेज में आयोजित सामूहिक सूर्य नमस्कार में शामिल हुए । सामूहिक सूर्य नमस्कार व प्राणायाम के आयोजन में एक करोड़ से अधिक छात्र-छात्राओं ने भाग लेकर कार्यक्रम को सफल बनाया हलाकि मौसम के बदलते रूप के चलते कहीं कहीं सूर्य देवता ने दर्शन नहीं दिए भोपाल के सुभाष उत्कृष्ट उ.मा.वद्यालय में आयोजित सामूहिक सूर्य नमस्कार का दूरदर्शन और आकावाणी से सीधा प्रसारण किया गया अन्य स्थानों पर आकाशवाणी के प्रायमरी चैनलों से प्रसारण किया गया ।
कौन कहाँ कहाँ :- शिक्षा मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस शाजापुर जिले के कालापीपल ब्लॉक के छोटे कस्बे रनायल के हाई स्कूल में आयोजत सामूहिक सूर्य नमस्कार में शामिल हुई इसके अलावा अपने प्रभार वाले जिलों में बाबूलाल गौर सागर जिले के बीना में, जयंत कुमार मलैया टीकमगढ़ जिले में, कैलाश वजयवर्गीय धार जिले में, गोपाल भार्गव दमोह जिले के ग्राम झागर में, अनूप मालाविया ग्वालियर में मुख्यमंत्री के साथ, जगदीश देवड़ा देवास जिले में, लक्ष्मीकान्त शर्मा हरदा जले में, नागेन्द्र सिंह नागौद, डिंडोरी में, जगन्नाथ सिंह सीधी जिले में, डा. रामकृष्ण कुसमरया कटनी जिले में, गौरीशंकर बसेन बालाघाट जिले में, तुकोजीराव पवार बड़वानी जिले में, पारसचंद्र जैन मंदसौर जिले के सुवासरा में, श्रीमती रंजना बघेल खरगौन में, राजेन्द्र शुक्ल सतना के बेला में, नारायण सिंह कुशवाहा पोहरी में, कन्हैयालाल अग्रवाल मुरैना में, हरांकर खटीक पन्ना में तथा देवसिंह सैय्याम सिवनी के घंसौर ब्लॉक के शासकीय बालक माध्यमक शाला कटया में आयोजित सामूहिक सूर्य नमस्कार के आयोजन में शामिल हुए ।
अगले सत्र से एक पीरियड सामूहिक सूर्य नमस्कार :- मध्यप्रदेश में अगले शिक्षण सत्र से सभी शासकीय शालाओं में कक्षा पांचवीं से बारहवीं तक के छात्र-छात्राओं के लिए प्रत्येक सप्ताह के आखिरी दिन के पहले पीरियड में सूर्य नमस्कार का नियमित अभ्यास कराया जायेगा। यह घोषणा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज मध्यप्रदेश में सामूहिक सूर्य नमस्कार के आयोजन के अवसर पर आकाशवाणी से प्रसारित अपने सन्देश में की। उन्होंने कहा कि सरकार ने पाठ्यक्रम में भी योग को सम्मिलत कर राज्य को योग नीती की दिशा में लाने की महत्वपूर्ण पहल की है। कक्षा छटवीं के लिए निर्धारित सहायक वाचन की पुस्तक में योग को भी शामिल किया गया है।मुख्यमंत्री ने कहा कि सूर्य नमस्कार भारतीय योग पंरपरा का अदभुत उपहार है। यह विभिन्न आसनों एवं व्यायाम का समन्वय है, जिससे शरीर के सभी अंगों-उपांगों का पूरा व्यायाम हो जाता है।
कौन कहाँ कहाँ :- शिक्षा मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस शाजापुर जिले के कालापीपल ब्लॉक के छोटे कस्बे रनायल के हाई स्कूल में आयोजत सामूहिक सूर्य नमस्कार में शामिल हुई इसके अलावा अपने प्रभार वाले जिलों में बाबूलाल गौर सागर जिले के बीना में, जयंत कुमार मलैया टीकमगढ़ जिले में, कैलाश वजयवर्गीय धार जिले में, गोपाल भार्गव दमोह जिले के ग्राम झागर में, अनूप मालाविया ग्वालियर में मुख्यमंत्री के साथ, जगदीश देवड़ा देवास जिले में, लक्ष्मीकान्त शर्मा हरदा जले में, नागेन्द्र सिंह नागौद, डिंडोरी में, जगन्नाथ सिंह सीधी जिले में, डा. रामकृष्ण कुसमरया कटनी जिले में, गौरीशंकर बसेन बालाघाट जिले में, तुकोजीराव पवार बड़वानी जिले में, पारसचंद्र जैन मंदसौर जिले के सुवासरा में, श्रीमती रंजना बघेल खरगौन में, राजेन्द्र शुक्ल सतना के बेला में, नारायण सिंह कुशवाहा पोहरी में, कन्हैयालाल अग्रवाल मुरैना में, हरांकर खटीक पन्ना में तथा देवसिंह सैय्याम सिवनी के घंसौर ब्लॉक के शासकीय बालक माध्यमक शाला कटया में आयोजित सामूहिक सूर्य नमस्कार के आयोजन में शामिल हुए ।
अगले सत्र से एक पीरियड सामूहिक सूर्य नमस्कार :- मध्यप्रदेश में अगले शिक्षण सत्र से सभी शासकीय शालाओं में कक्षा पांचवीं से बारहवीं तक के छात्र-छात्राओं के लिए प्रत्येक सप्ताह के आखिरी दिन के पहले पीरियड में सूर्य नमस्कार का नियमित अभ्यास कराया जायेगा। यह घोषणा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज मध्यप्रदेश में सामूहिक सूर्य नमस्कार के आयोजन के अवसर पर आकाशवाणी से प्रसारित अपने सन्देश में की। उन्होंने कहा कि सरकार ने पाठ्यक्रम में भी योग को सम्मिलत कर राज्य को योग नीती की दिशा में लाने की महत्वपूर्ण पहल की है। कक्षा छटवीं के लिए निर्धारित सहायक वाचन की पुस्तक में योग को भी शामिल किया गया है।मुख्यमंत्री ने कहा कि सूर्य नमस्कार भारतीय योग पंरपरा का अदभुत उपहार है। यह विभिन्न आसनों एवं व्यायाम का समन्वय है, जिससे शरीर के सभी अंगों-उपांगों का पूरा व्यायाम हो जाता है।
January 20, 2009
हाई टेक हुआ जिस्मफरोशी का अवैध कारोबार - लचर कानून |
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January 19, 2009
आओ करें सूर्य नमस्कार ..............

<><><>(कमल सोनी)<><><> हमारी दैनिक दिनचर्या में व्यायाम बेहद आवश्यक है चाहे परंपरागत हो या आधुनिक, रोजाना व्यायाम हमारे तन और मन दोनों को स्फूर्ती प्रदान करता है आज हम बात कर रहे हैं सूर्य नमस्कार की योग हमारी संस्कृति की महत्वपूर्ण धरोहर है और एक प्राचीन विद्या भी योग के माध्यम से तन, मन और आत्मा की शक्तियों का समन्वय कर ख़ुद को चरित्रवान बनाया जा सकता है योग के माध्यम से व्यक्ति अपने मन पर नियंत्रण कर स्वस्थ्य शरीर के साथ अपने उत्तरदायित्वों का कुशलतापूर्वक निर्वहन कर पाता है सूर्य नमस्कार भारतीय योग का का सबसे अहम् हिस्सा है
वास्तव में सूर्यनमस्कार विभिन्न आसनों का समन्वय है साथ ही भारतीय योग परम्परा का अभिन्न अंग भी सूर्य नमस्कार विभिन्न आसन, मुद्रा और प्राणायाम का समन्वय है जो हमारे शारीरिक और मानसिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है प्रातः काल सूर्य नमस्कार करने से शरीर के सभी अंगों का पूरा व्यायाम हो जाता है इसमें सूर्य की ऊर्जा का संचार होता है जिससे तन और मन शुद्धीकरण होता है सूर्य नमस्कार तन, मन और वाणी से की गई सूर्य उपासना और प्रातः कालीन स्वागत है इससे सूर्य की ऊर्जा का शरीर में संचार होता है तथा शरीर को आवश्यक विटामिन डी की प्राप्ति भी होती है वैज्ञानिकों ने भी अलग अलग शोधों के माध्यम से सूर्य नमस्कार के लाभों की पुष्टि की है
क्या है सूर्य नमस्कार ? :- प्रातः काल सूर्योदय के वक्त सूर्य नमस्कार तन, मन, वाणी से सूर्य का स्वागत है सूर्य नमस्कार के दो आधुनिक पहलू हैं पहला सांघिक सूर्य नमस्कार और दूसरा संगीत के साथ सूर्य नमस्कार सूर्य नमस्कार दोनों ही पहलुओं में बेहद लाभकारी है सरल उपासना और सौम्य संतुलित व्यायाम सूर्य नमस्कार की प्रमुख विशेषता है सूर्य नमस्कार सात आसनों का समुच्चय है
<1> प्रार्थना और मुद्रा
<2> हस्त उत्तानासन
<3> पादहस्तासन
<4> अश्व संचालनासन
<5> पर्वताआसन
<6> आष्टांग नमस्कार
<7> भुजंगासन
क्या हैं इसके फायदे ? :- सूर्य नमस्कार १२ स्थितियों से मिलकर बना है जिन्हें करने से बेहद लाभ प्राप्त होते हैं
<1> व्यायाम की तैयारियों के रूप में एकाग्र एवं शांत अवस्था लाता है
<2> अमाशय की अतिरिक्त चर्बी को हटाता है और पाचन को सुधारता है तथा भुजाओं और कन्धों की मांसपेशियों का व्यायाम होता है
<3> पेट तथा अमाशय के दोषों को नष्ट करता है कब्ज़ हटाने में सहायक है रीढ़ को लचीला बनाता है तथा रक्त संचार में तेज़ी लाता है
<4> अमाशय के अंगों की मालिश कर कार्यप्रणाली को बेहतर बनाता है पैरों की मांसपेशियों को शक्ति देता है
<5> भुजाओं तथा पैरों स्नायुओं की मांसपेशियों को ताकत देता है तथा सीने को विकसित करता है
<6> अमाशय के अंगों से जामे हुए रक्त को हटाकर नए रक्त का संचार करता है पेट के सभी रोगों के निदान लिए बेहद लाभकारी है
<7> रीढ़ के स्नायुओं का दबाव सामान्य बनाता है तथा ताजे रक्त का संचार करता है
२१ जनवरी को सामूहिक सूर्य नमस्कार का आयोजन :- सूर्य नमस्कार के इन्ही फायदों के मद्देनज़र मध्यप्रदेश के सभी शिक्षण संस्थाओं में हर वर्ष सामूहिक सूर्य नमस्कार का आयोजन किया जाता है गौरतलब है की गत वर १२ जनवरी २००७ को स्वामी विवेकानद जयंती के शुभ अवसर पर पूरे प्रदेश में आयोजित सामूहिक सूर्य नमस्कार में एक करोड़ छात्र छात्राओं ने भाग लिया था इस साल २१ जनवरी को इससे भी अधिक संख्या में छात्र छात्राओं के इस महाआयोजन में हिस्सा लेने की संभावना है
आज के युग में हम अपने स्वस्थ्य के प्रति और अधिक सचेत हुए हैं जिसके लिए हम स्वयं को स्वस्थ्य रखने के लिए विभिन्न उपायों को अपना भी रहे हैं इन सभी उपायों में सूर्य नमस्कार सर्वोपरी है वर्त्तमान परिप्रेक्ष्य में जहाँ हमें शारीरिक और मानसिक दोनों श्रम करने पड़ते हैं ऐसे में तन और मन के सम्पूर्ण व्यायाम के लिए सूर्य नमस्कार बेहद लाभकारी है
वास्तव में सूर्यनमस्कार विभिन्न आसनों का समन्वय है साथ ही भारतीय योग परम्परा का अभिन्न अंग भी सूर्य नमस्कार विभिन्न आसन, मुद्रा और प्राणायाम का समन्वय है जो हमारे शारीरिक और मानसिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है प्रातः काल सूर्य नमस्कार करने से शरीर के सभी अंगों का पूरा व्यायाम हो जाता है इसमें सूर्य की ऊर्जा का संचार होता है जिससे तन और मन शुद्धीकरण होता है सूर्य नमस्कार तन, मन और वाणी से की गई सूर्य उपासना और प्रातः कालीन स्वागत है इससे सूर्य की ऊर्जा का शरीर में संचार होता है तथा शरीर को आवश्यक विटामिन डी की प्राप्ति भी होती है वैज्ञानिकों ने भी अलग अलग शोधों के माध्यम से सूर्य नमस्कार के लाभों की पुष्टि की है
क्या है सूर्य नमस्कार ? :- प्रातः काल सूर्योदय के वक्त सूर्य नमस्कार तन, मन, वाणी से सूर्य का स्वागत है सूर्य नमस्कार के दो आधुनिक पहलू हैं पहला सांघिक सूर्य नमस्कार और दूसरा संगीत के साथ सूर्य नमस्कार सूर्य नमस्कार दोनों ही पहलुओं में बेहद लाभकारी है सरल उपासना और सौम्य संतुलित व्यायाम सूर्य नमस्कार की प्रमुख विशेषता है सूर्य नमस्कार सात आसनों का समुच्चय है
<1> प्रार्थना और मुद्रा
<2> हस्त उत्तानासन
<3> पादहस्तासन
<4> अश्व संचालनासन
<5> पर्वताआसन
<6> आष्टांग नमस्कार
<7> भुजंगासन
क्या हैं इसके फायदे ? :- सूर्य नमस्कार १२ स्थितियों से मिलकर बना है जिन्हें करने से बेहद लाभ प्राप्त होते हैं
<1> व्यायाम की तैयारियों के रूप में एकाग्र एवं शांत अवस्था लाता है
<2> अमाशय की अतिरिक्त चर्बी को हटाता है और पाचन को सुधारता है तथा भुजाओं और कन्धों की मांसपेशियों का व्यायाम होता है
<3> पेट तथा अमाशय के दोषों को नष्ट करता है कब्ज़ हटाने में सहायक है रीढ़ को लचीला बनाता है तथा रक्त संचार में तेज़ी लाता है
<4> अमाशय के अंगों की मालिश कर कार्यप्रणाली को बेहतर बनाता है पैरों की मांसपेशियों को शक्ति देता है
<5> भुजाओं तथा पैरों स्नायुओं की मांसपेशियों को ताकत देता है तथा सीने को विकसित करता है
<6> अमाशय के अंगों से जामे हुए रक्त को हटाकर नए रक्त का संचार करता है पेट के सभी रोगों के निदान लिए बेहद लाभकारी है
<7> रीढ़ के स्नायुओं का दबाव सामान्य बनाता है तथा ताजे रक्त का संचार करता है
२१ जनवरी को सामूहिक सूर्य नमस्कार का आयोजन :- सूर्य नमस्कार के इन्ही फायदों के मद्देनज़र मध्यप्रदेश के सभी शिक्षण संस्थाओं में हर वर्ष सामूहिक सूर्य नमस्कार का आयोजन किया जाता है गौरतलब है की गत वर १२ जनवरी २००७ को स्वामी विवेकानद जयंती के शुभ अवसर पर पूरे प्रदेश में आयोजित सामूहिक सूर्य नमस्कार में एक करोड़ छात्र छात्राओं ने भाग लिया था इस साल २१ जनवरी को इससे भी अधिक संख्या में छात्र छात्राओं के इस महाआयोजन में हिस्सा लेने की संभावना है
आज के युग में हम अपने स्वस्थ्य के प्रति और अधिक सचेत हुए हैं जिसके लिए हम स्वयं को स्वस्थ्य रखने के लिए विभिन्न उपायों को अपना भी रहे हैं इन सभी उपायों में सूर्य नमस्कार सर्वोपरी है वर्त्तमान परिप्रेक्ष्य में जहाँ हमें शारीरिक और मानसिक दोनों श्रम करने पड़ते हैं ऐसे में तन और मन के सम्पूर्ण व्यायाम के लिए सूर्य नमस्कार बेहद लाभकारी है
January 17, 2009
ओनली फॉर लेडीज़.............?

<><><>(कमल सोनी)<><><> घर से बहार काम-काज और कॉलेज जाने वाली महिलाओं और युवतियों के लिए बेहद अच्छी ख़बर है मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में अब सिर्फ़ महिलाओं के लिए प्रथक से मिनी बसे चलेंगी हलाकि यह सब कब शुरू होगा इसकी अभी कोई ख़ास जानकारी नहीं है लेकिन "ओनली फॉर लेडीज़ बस सर्विस" शुरू हो जाने पर काम-काज और कॉलेज जाने वाली महिलाओं और युवतियों को काफी राहत ज़रूर मिलेगी आम तौर पर शहरों में चलने वाली मिनी बसों महिलाओं के लिए अतरिक्त स्थान आरक्षित रहता है लेकिन नियम क़ानून से चलने की आदत ही कहाँ है मिनी बसों में तो पहले आओ पहले पाओ का सिस्टम जो लागू होता है दूसरी ओर सिटी बसों में मिहिलाओं से छेड़छाड़ और बदतमीजी कराने वालों की भी कमी नहीं होती लिहाजा महिलायें ओर युवतियां किसी तरह दबी छिपी अपने गंतव्य तक पहुँचना ही उचित समझ लेती हैं लेकिन इस बीच अपनी सीट छोड़कर किसी महिला को सीट देने वाले कुछ छुटपुट उदाहरण भी देखने को मिलते हैं
महिलाओं और युवतियों की इन्ही समस्याओं के मद्देनज़र भोपाल आर.टी.ओ. विभाग ने कमर कास ली है ओर वह महिलाओं के लिए पृथक से मिनी बस सर्विस शुरू करने जा रहा है इन मिनी बसों में महिलाओं के अलावा १२ वर्ष तक के बच्ची भी चल सकेंगे
नए परमिट मंगाए :- "ओनली फॉर लेडीज़ बस सर्विस" शुरू करने के लिए आर.टी.ओ. विभाग शहर के कन्या महाविद्यालयों से भी चर्चा कर रहा है इससे पूर्व बी.एस.एन.एल. ने भी महिलाओं के लिए पृथक से बस सेवा शुरू करने की बात कही थी "ओनली फॉर लेडीज़ बस सर्विस" के लिए आर.टी.ओ. विभाग ने नई मिनी बसों ओर टाटा मेजिक वाहनों के परमिट जारी करने हेतु आवेदन आमंत्रित किए हैं हलाकि पहले से ही बढ़ी मिनी बसों ओर टाटा मेजेइक वाहनों की तादात के मद्देनज़र आर.टी.ओ. विभाग ने मिनी बसों ओर टाटा मेजिक वाहनों के नये परमिट जारी करने पर प्रतिबन्ध लगा दिया था लेकिन अभी आर.टी.ओ. विभाग ने "ओनली फॉर लेडीज़ बस सर्विस" के लिए ही परमिट आवेदन मँगाए हैं
चालक और परिचालक होंगी महिलाएं :- महिलाओं के लिए पृथक से चलने वाली मिनी बसों में चालक ओर परिचालक सिर्फ़ महिलायें ही होंगी आर.टी.ओ. विभाग सिर्फ़ उन्ही वाहनों के लिए परमिट जरी करेगा जिनमें चालक परिचालक महिलायें हों इसके लिए आर.टी.ओ. विभाग ने महिला चालाक के लिए मात्र एक साल के अनुभव पर हेवी लाइसेंस देनी की बात कही है हालाकि पुरुषों के मामले में हेवी लाइसेंस देने का नियाम पाँच साल का है महिलाओं को हेवी लाइसेंस लेने के लिए उम्र २० वर्ष और आठवीं पास होना, तथा एक वर्ष का हल्का वाहन चलाने का अनुभव होना अनिवार्य होगा
"ओनली फॉर लेडीज़ बस सर्विस" शुरू हो जाने के बाद जहाँ महिलाओं को रोज़ रोज़ की दिक्कतों से निजात मिलेगी तो दूसरी और सार्वजनिक रूप से होने वाली छेड़छाड़ की घटनाओं पर अंकुश लगाने में थोड़ी मदद भी मिलेगी
महिलाओं और युवतियों की इन्ही समस्याओं के मद्देनज़र भोपाल आर.टी.ओ. विभाग ने कमर कास ली है ओर वह महिलाओं के लिए पृथक से मिनी बस सर्विस शुरू करने जा रहा है इन मिनी बसों में महिलाओं के अलावा १२ वर्ष तक के बच्ची भी चल सकेंगे
नए परमिट मंगाए :- "ओनली फॉर लेडीज़ बस सर्विस" शुरू करने के लिए आर.टी.ओ. विभाग शहर के कन्या महाविद्यालयों से भी चर्चा कर रहा है इससे पूर्व बी.एस.एन.एल. ने भी महिलाओं के लिए पृथक से बस सेवा शुरू करने की बात कही थी "ओनली फॉर लेडीज़ बस सर्विस" के लिए आर.टी.ओ. विभाग ने नई मिनी बसों ओर टाटा मेजिक वाहनों के परमिट जारी करने हेतु आवेदन आमंत्रित किए हैं हलाकि पहले से ही बढ़ी मिनी बसों ओर टाटा मेजेइक वाहनों की तादात के मद्देनज़र आर.टी.ओ. विभाग ने मिनी बसों ओर टाटा मेजिक वाहनों के नये परमिट जारी करने पर प्रतिबन्ध लगा दिया था लेकिन अभी आर.टी.ओ. विभाग ने "ओनली फॉर लेडीज़ बस सर्विस" के लिए ही परमिट आवेदन मँगाए हैं
चालक और परिचालक होंगी महिलाएं :- महिलाओं के लिए पृथक से चलने वाली मिनी बसों में चालक ओर परिचालक सिर्फ़ महिलायें ही होंगी आर.टी.ओ. विभाग सिर्फ़ उन्ही वाहनों के लिए परमिट जरी करेगा जिनमें चालक परिचालक महिलायें हों इसके लिए आर.टी.ओ. विभाग ने महिला चालाक के लिए मात्र एक साल के अनुभव पर हेवी लाइसेंस देनी की बात कही है हालाकि पुरुषों के मामले में हेवी लाइसेंस देने का नियाम पाँच साल का है महिलाओं को हेवी लाइसेंस लेने के लिए उम्र २० वर्ष और आठवीं पास होना, तथा एक वर्ष का हल्का वाहन चलाने का अनुभव होना अनिवार्य होगा
"ओनली फॉर लेडीज़ बस सर्विस" शुरू हो जाने के बाद जहाँ महिलाओं को रोज़ रोज़ की दिक्कतों से निजात मिलेगी तो दूसरी और सार्वजनिक रूप से होने वाली छेड़छाड़ की घटनाओं पर अंकुश लगाने में थोड़ी मदद भी मिलेगी
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